9414082007 drarunbhati81@gmail.com

 

                         जब रामायण को पढ़ना शुरू करते हैं तो सोने की महत्ता का ज्ञान शुरू से ही होने लग जाता है,जैसे- यूं कहें कि जानकी यानी सीता का उद्गम धरती से उस समय हुआ जब श्री जनक सोने के हल द्वारा धरती को जोत रहे थे,  बाद में हमने सुना कि सीता ने भी सोने के हिरण का शिकार करने को ही श्री राम को कहा था जो जंगल में उन्हें दिखाई दिया था,  जब सीता जी श्री राम के साथ बनवास तो जा रही थी तो उन्हें स्वर्ण आभूषण उतारने के लिए बोला गया जिसे की प्रजा वासियों ने अशुभकारी, अमंगलकारी संकेत माना था क्योंकि उनके अनुसार आज भी घर में पुत्री या बहू का स्वर्ण आभूषण उतारा जाना अमंगलकारी है। इसी तरह  जब सीता जी का हरण रावण द्वारा किया गया तब उन्होंने अपने आभूषणों को जगह-जगह गिरा (जिन्हें बाद में वानरों ने एक-एक करके इन्हें इकट्ठा किया) कर उस स्थान की ओर इंगित किया था, जहां उन्हें ले जाया जा रहा था और वह जगह थी-  सोने की लंका

                         इसी तरह बाद में जब सीता जी को लोगों के कहने पर श्री रामजी ने छोड़ दिया और यज्ञ करवाने की बारी आई तो, उनके साथ सीता जी की सोने की मूर्ति को वहां रखा गया, जिनको कनक सीता या कनक जानकी कहा गया था क्योंकि श्री राम को सीता जी की शुद्धता पर कोई शक नहीं था और हमें तो सीता जी और स्वर्ण दोनों की शुद्धता, मंगलकारीता एवं कर्मुकता पर लेश मात्र भी संदेह नहीं है। अब तक स्वर्ण की चमत्कारी कार्मुक्ता को स्वर्णप्राशन के रूप में हम लगभग 28000 से अधिक खुराक बच्चों को खिलाकर आजमा चुके हैं। स्वस्थ बच्चे राष्ट्रीय गौरव हैं उनकी ताकत और प्रतिरक्षा (immunity & resistance power) बनाए रखना सब के लिए चुनौती है। 

                         भारतीय परंपरा एवं आयुर्वेद में स्वर्ण प्राशन एक अनोखा टीकाकरण कार्यक्रम है।सामाजिक कार्य के रूप में मैं डॉ. अरुण भाटी इसके साथ जुड़ा हुआ हूं। वर्तमान समय के लिए हमारे द्वारा स्वर्ण प्राशन का एक अद्भुत तरीका विकसित किया गया है। हमने देश के विभिन्न सुवर्णप्राशन करवा रहे केन्द्रों का सर्वेक्षण किया और हमें सुवर्णप्राशन के उत्साहवर्धक परिणाम मिले।

                           हमने पाया कि सुवर्णप्राशन करवाए गए बच्चों में का C.R.I.L.I. का उद्भव अन्य बच्चों की तुलना में अधिक शीघ्रता से होता है। ( C.R.I.L.I. के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप मेरी वेबसाइट drarunbhati.com पर देखें) हम 2014 से ही बड़े पैमाने पर स्वर्ण प्राशन संस्कार कार्यक्रम कर रहे हैं और आपको इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।

 

 

Close Menu
×